बिहार में ऑनलाइन जमाबंदी में रैयत का नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी, कुल क्षेत्रफल या लगान का विवरण गलत दिख रहा है, तो पहले यह पता करें कि गलती किस तरह की है। ऐसी चुनिंदा त्रुटियों के सुधार के लिए बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने परिमार्जन प्लस सेवा उपलब्ध कराई है। आवेदन में सही विवरण भरने के साथ संबंधित साक्ष्य और अनिवार्य शपथ पत्र देना होता है।
इस लेख में आवेदन की प्रक्रिया विभाग के Parimarjan Plus User Manual के अनुसार समझाई गई है। अलग-अलग त्रुटियों के लिए दस्तावेज और प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए हर समस्या के लिए एक ही आवेदन विकल्प को सही न मानें।
Bihar Parimarjan Plus क्या है?
परिमार्जन प्लस बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की भूमि-अभिलेख संबंधी ऑनलाइन सेवा है। इसका उपयोग निर्धारित श्रेणियों में जमाबंदी के विवरण में सुधार के लिए किया जाता है। User Manual में रैयत के नाम, पिता के नाम, पता, खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी, कुल क्षेत्रफल और लगान से संबंधित सुधार के विकल्प दिखाए गए हैं। कौन-सा विकल्प आपके मामले में लागू होगा, यह रिकॉर्ड और त्रुटि की प्रकृति पर निर्भर करता है।
यह सेवा जमीन खरीदने-बेचने, स्वामित्व विवाद सुलझाने या हर तरह के नामांतरण का विकल्प नहीं है। यदि आपकी जरूरत केवल पहले से दर्ज जमाबंदी में किसी विवरण की गलती सुधारना है, तो पहले संबंधित सुधार श्रेणी और विभागीय निर्देश देखें।
परिमार्जन प्लस की मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सेवा का नाम | परिमार्जन प्लस |
| संबंधित विभाग | राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार |
| आवेदन माध्यम | बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन |
| मैनुअल में दिया गया विकल्प | Digital Jamabandi में सुधार → Rectification in Old Jamabandi |
| अनिवार्य दस्तावेज | वेबसाइट पर उपलब्ध निर्धारित शपथ पत्र की PDF |
| अन्य दस्तावेज | चुने गए सुधार के अनुसार सहायक साक्ष्य |
| आवेदन जमा होने पर | पावती संख्या प्राप्त होती है |
| जाँच | संबंधित राजस्व अधिकारी द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार |
जमाबंदी में कौन-कौन से सुधार विकल्प मिलते हैं?
मैनुअल के पृष्ठ 3 पर जमाबंदी खोजने के बाद आगे दिए गए तीर के बटन से पूरा विवरण देखने का निर्देश है। इसके बाद जरूरत के अनुसार संबंधित सेक्शन चुनकर बदलाव का अनुरोध किया जाता है। मैनुअल में जिन प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख है, वे नीचे दिए गए हैं।
| सुधार का क्षेत्र | उदाहरण | ध्यान रखने वाली बात |
|---|---|---|
| रैयत का विवरण | नाम, पिता का नाम या पता | सही विवरण का समर्थन करने वाला दस्तावेज तैयार रखें। |
| भूमि का विवरण | खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी या कुल क्षेत्रफल | पुराने राजस्व अभिलेखों से सही विवरण मिलाएँ। |
| लगान | लगान से संबंधित दर्ज विवरण | पोर्टल में उपलब्ध संबंधित विकल्प और माँगे गए साक्ष्य देखें। |
| जाति प्रमाण पत्र संबंधी विवरण | मैनुअल में अलग सुधार श्रेणी का उल्लेख | यह विकल्प दिखने पर ही लागू निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ें। |
Parimarjan Plus के लिए जरूरी दस्तावेज
विभाग के User Manual में आवेदन दायर करने से पहले शपथ पत्र की PDF और सुधार से संबंधित Supporting Document की PDF तैयार रखने को कहा गया है। इसमें शपथ पत्र को अनिवार्य बताया गया है। बाकी दस्तावेज हर आवेदन में एक जैसे अनिवार्य नहीं बताए गए हैं; तालिका में कई दस्तावेजों के साथ “यदि आवश्यक हो” लिखा है। इसलिए केवल वही दस्तावेज चुनें जो आपकी त्रुटि और पोर्टल पर माँगी गई श्रेणी से संबंधित हों।
| सुधार का प्रकार | मैनुअल में बताए गए संभावित दस्तावेज |
|---|---|
| सभी संबंधित आवेदन | वेबसाइट पर उपलब्ध शपथ पत्र भरकर PDF के रूप में तैयार करना — अनिवार्य |
| रैयत के विवरण में सुधार | लगान रसीद, दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र, जमाबंदी पंजी की कॉपी या दाखिल-खारिज आदेश, यदि आवश्यक हो |
| जाति प्रमाण पत्र में सुधार | जाति प्रमाण पत्र, यदि आवश्यक हो |
| पते में सुधार | आधार कार्ड, बिजली बिल, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट, यदि आवश्यक हो |
| लगान में सुधार | मैनुअल की तालिका में वोटर आईडी कार्ड का उल्लेख है; पोर्टल पर लागू निर्देश जाँचें |
| भूमि विवरण में सुधार | लगान रसीद, CS/RS/चकबंदी खतियान, दाखिल-खारिज शुद्धि पत्र या आदेश, भूमि दखल-कब्जा प्रमाण पत्र, सरकारी भूमि पर्चा अभिलेख, बीपीपीएचटी परवाना अभिलेख, भूदान पर्चा, अंचल अभिलेख की सत्यापित प्रति या अन्य लागू साक्ष्य |
यह सूची User Manual में दिए गए उदाहरणों का सार है, हर आवेदक के लिए एक जैसी अंतिम चेकलिस्ट नहीं। आवेदन के दौरान पोर्टल पर जो दस्तावेज आपकी चुनी गई श्रेणी के लिए माँगे जाएँ, उन्हें उसी निर्देश के अनुसार तैयार करें। स्कैन की गई PDF साफ और पढ़ने योग्य होनी चाहिए। अपलोड से पहले फाइल खोलकर देख लें कि सभी पृष्ठ सही दिशा में हैं और विवरण कटे हुए नहीं हैं।
Bihar Parimarjan Plus Online Apply कैसे करें?
नीचे दिए गए चरण विभाग के पाँच-पृष्ठीय User Manual में बताए गए क्रम पर आधारित हैं। पोर्टल का इंटरफेस बदल सकता है, इसलिए बटन के नाम या स्थान में अंतर दिखे तो स्क्रीन पर मौजूद आधिकारिक निर्देशों को प्राथमिकता दें।
चरण 1: बिहारभूमि पोर्टल खोलें
आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in खोलें। मैनुअल में सबसे पहले इसी पोर्टल पर जाने का निर्देश है।
चरण 2: लॉगिन करके परिमार्जन प्लस खोलें
“परिमार्जन” विकल्प पर क्लिक करें। पहले से पंजीकृत उपयोगकर्ता अपने मोबाइल नंबर की मदद से लॉगिन कर सकते हैं। नए उपयोगकर्ता को पहले पंजीकरण करना होगा। लॉगिन के बाद “परिमार्जन प्लस” चुनें। अपना मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज करें।
चरण 3: सही आवेदन प्रकार चुनें
मैनुअल में “डिजिटल जमाबंदी में सुधार करें” के अंतर्गत “Rectification in Old Jamabandi” चुनने को कहा गया है। यह निर्देश उस प्रक्रिया के लिए है जिसे मैनुअल में समझाया गया है। यदि आपकी समस्या अलग श्रेणी में आती है या पोर्टल दूसरा विकल्प दिखाता है, तो बिना जाँच गलत आवेदन प्रकार न चुनें।
चरण 4: संबंधित जमाबंदी खोजें
जिस जमाबंदी में सुधार चाहिए, उसे उपलब्ध खोज विकल्पों से खोजें। जिला, अंचल, मौजा और रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी सावधानी से चुनें। खोज परिणाम में संबंधित जमाबंदी के आगे दिए गए तीर (→) बटन पर क्लिक करें। मैनुअल के अनुसार इसके बाद जमाबंदी का पूरा विवरण दिखाई देता है। आगे बढ़ने से पहले नाम और भूमि विवरण की जाँच करें कि आपने सही रिकॉर्ड खोला है।
चरण 5: सुधार वाला सेक्शन चुनें
जिस सेक्शन में बदलाव चाहिए, उसके सामने “YES” चुनें। इसके बाद संबंधित विवरण बदलने का फॉर्म खुलता है। जिस प्रविष्टि में सुधार करना है, उसके आगे दिए गए “परिवर्तन अनुरोध” को “YES” करें और सही जानकारी भरें। यदि एक से अधिक सेक्शन में सुधार चाहिए, तो प्रत्येक संबंधित सेक्शन को ध्यान से अपडेट करें। ऐसी जानकारी न भरें जिसे आप दस्तावेजों से प्रमाणित नहीं कर सकते।
चरण 6: सहायक साक्ष्य अपलोड करके Preview देखें
बदलाव दर्ज करने के बाद उस सुधार से संबंधित सहायक दस्तावेज अपलोड करें और “Preview” बटन पर क्लिक करें। Preview में नाम, पिता का नाम, पता, खाता, खेसरा, रकबा और अन्य बदले गए विवरण को पुराने दस्तावेजों से मिलाएँ। गलती दिखाई दे तो उपलब्ध Edit विकल्प से उसे ठीक करें।
चरण 7: शपथ पत्र अपलोड करें और Final Submit करें
मैनुअल के अनुसार सभी विवरण देखने के बाद, सही होने पर शपथ पत्र अपलोड करके आवेदन को Finalize किया जा सकता है। शपथ पत्र अनिवार्य बताया गया है। अंतिम सबमिट से पहले सुनिश्चित करें कि आवेदन में कोई गलत प्रविष्टि या अधूरा दस्तावेज नहीं है।
चरण 8: पावती संख्या सुरक्षित रखें
Final Submit के बाद पावती संख्या मिलती है। इसे लिखकर रखें या पावती को सुरक्षित रूप से सेव करें। आगे आवेदन की स्थिति देखने और जरूरत पड़ने पर विवरण संदर्भित करने के लिए यह संख्या उपयोगी होगी।
Parimarjan Plus Status Check कैसे करें?
User Manual के अनुसार Final Submit के बाद प्राप्त पावती संख्या से आवेदन की स्थिति पता की जा सकती है। पोर्टल पर आवेदन ट्रैक करने या स्थिति देखने का संबंधित विकल्प खोलें और उपलब्ध निर्देशों का पालन करें। मैनुअल की स्क्रीन पर “Track Application” विकल्प दिखाई देता है, लेकिन स्क्रीन के वर्तमान रूप में बदलाव संभव है। इसलिए किसी ऐसे बटन या सीधे URL पर निर्भर न रहें जिसकी पुष्टि न हुई हो।
- बिहारभूमि का आधिकारिक पोर्टल खोलें।
- परिमार्जन प्लस में आवेदन ट्रैक करने से संबंधित विकल्प देखें।
- पावती संख्या और पोर्टल द्वारा माँगी गई अन्य जानकारी दर्ज करें।
- दिखाई गई स्थिति और टिप्पणी पढ़ें।
- यदि आवेदन पर कोई आपत्ति है, तो टिप्पणी के अनुसार अगला कदम तय करें।
यदि पावती संख्या खो गई है, तो पहले लॉगिन में उपलब्ध आवेदन विवरण या अपने सुरक्षित रिकॉर्ड देखें। कोई संख्या अनुमान से न भरें।
आवेदन पर आपत्ति आए या आवेदन वापस हो जाए तो क्या करें?
मैनुअल के अंतिम पृष्ठ के अनुसार यदि अंचल अधिकारी को जमा किए गए आवेदन पर आपत्ति होती है, तो वे टिप्पणी के साथ आवेदन वापस कर सकते हैं। ऐसा आवेदन होम स्क्रीन पर दिखाई दे सकता है। उस टिप्पणी को ध्यान से पढ़ें और समझें कि कौन-सा विवरण बदलना है या किस दस्तावेज की कमी है। फिर मैनुअल में बताई प्रक्रिया के अनुसार आवेदन में आवश्यक सुधार करें।
- आपत्ति का कारण पढ़े बिना वही आवेदन दोबारा जमा न करें।
- यदि दस्तावेज माँगा गया है, तो संबंधित और पढ़ने योग्य साक्ष्य अपलोड करें।
- यदि विवरण गलत है, तो मूल अभिलेख से मिलाकर Edit विकल्प से ठीक करें।
- सुधार के बाद Preview दोबारा जाँचें और पोर्टल के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ें।
आवेदन वापस आने का अर्थ अपने आप अंतिम अस्वीकृति नहीं है। वास्तविक स्थिति और अगली कार्रवाई पोर्टल पर दर्ज टिप्पणी तथा विभागीय निर्देशों से तय होगी।
पुरानी जमाबंदी ऑनलाइन नहीं दिख रही तो क्या करें?
सबसे पहले जिला, अंचल, मौजा और उपलब्ध खोज विवरण दोबारा जाँचें। नाम की वर्तनी या पुराने रिकॉर्ड में दर्ज विवरण अलग होने से खोज परिणाम न मिलना संभव है। यदि फिर भी रिकॉर्ड नहीं मिलता, तो यह मानकर न चलें कि जमाबंदी निश्चित रूप से डिजिटाइज नहीं हुई है। उपलब्ध पुराने राजस्व दस्तावेज लेकर संबंधित अंचल कार्यालय से रिकॉर्ड की स्थिति और सही प्रक्रिया की जानकारी लें।
परिमार्जन प्लस में अलग-अलग प्रकार की त्रुटियों के लिए अलग प्रक्रिया हो सकती है। पुरानी जमाबंदी को ऑनलाइन दर्ज कराने का विकल्प और पहले से उपलब्ध डिजिटल जमाबंदी में सुधार का विकल्प एक ही काम नहीं हैं। अपने मामले के अनुसार पोर्टल पर उपलब्ध श्रेणी चुनें।
खाता, खेसरा और रकबा गलत हो तो क्या जाँचें?
खाता, खेसरा, रकबा और चौहद्दी भूमि की पहचान से जुड़े विवरण हैं। इनमें बदलाव का अनुरोध करने से पहले पुरानी जमाबंदी, लगान रसीद, खतियान, दाखिल-खारिज आदेश या संबंधित अभिलेखों में उपलब्ध जानकारी का मिलान करें। कौन-सा साक्ष्य स्वीकार्य होगा, यह मामले और चुनी गई श्रेणी पर निर्भर कर सकता है।
यदि ऑनलाइन जमाबंदी और आपके दस्तावेजों में बड़ा अंतर है, तो केवल अनुमान से संख्या या क्षेत्रफल न बदलें। उपलब्ध रिकॉर्डों में अंतर हो तो अंचल कार्यालय से सही प्रक्रिया पूछना बेहतर है। परिमार्जन प्लस आवेदन अपने आप में भूमि विवाद या मालिकाना हक का अंतिम निर्णय नहीं है।
परिमार्जन प्लस और दाखिल-खारिज में अंतर
| परिमार्जन प्लस | दाखिल-खारिज |
|---|---|
| निर्धारित श्रेणियों में भूमि अभिलेख की त्रुटि सुधारने के लिए | राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण से संबंधित प्रक्रिया |
| गलत दर्ज विवरण को साक्ष्य के आधार पर सुधारने का अनुरोध | वैध आधार पर नामांतरण के लिए अलग आवेदन प्रक्रिया |
| सुधार के प्रकार के अनुसार दस्तावेज और जाँच | नामांतरण के नियमों के अनुसार दस्तावेज और जाँच |
यदि जमीन के रिकॉर्ड में गलती है और आप नामांतरण भी कराना चाहते हैं, तो दोनों प्रक्रियाओं को एक न समझें। पहले संबंधित रिकॉर्ड और लागू नियमों की पुष्टि करें। बिहार में जमीन की जानकारी, जमाबंदी और अन्य भूमि सेवाओं को समझने के लिए हमारी बिहार में जमीन की जानकारी ऑनलाइन देखने वाली गाइड भी पढ़ सकते हैं।
आवेदन करते समय होने वाली आम गलतियाँ
| समस्या | क्या करें |
|---|---|
| गलत जमाबंदी खुल गई | अंतिम सबमिट से पहले रिकॉर्ड का पूरा विवरण मिलाएँ। |
| सहायक दस्तावेज अपलोड नहीं हुआ | फाइल और चुनी गई सुधार श्रेणी की आवश्यकताएँ जाँचें। |
| शपथ पत्र तैयार नहीं है | आवेदन शुरू करने से पहले निर्धारित शपथ पत्र की PDF तैयार करें। |
| Preview में गलती है | Edit विकल्प से सुधारें, फिर दोबारा Preview देखें। |
| आवेदन पर टिप्पणी आई | टिप्पणी पढ़कर आवश्यक बदलाव या साक्ष्य दें। |
| गलत मौजा में जमाबंदी है | संबंधित विभागीय FAQ देखें; ऑफलाइन आवेदन की जरूरत हो सकती है। |
| पावती संख्या नहीं मिल रही | Final Submit की पुष्टि करें और लॉगिन/सुरक्षित रिकॉर्ड जाँचें। |
महत्वपूर्ण आधिकारिक लिंक
- बिहारभूमि आधिकारिक पोर्टल
- जमाबंदी सुधार संबंधी आधिकारिक FAQ
- परिमार्जन प्लस आवेदन प्रक्रिया का विभागीय User Manual/PDF
- बिहारभूमि नागरिक सुविधाएँ
- दाखिल-खारिज संबंधी आधिकारिक FAQ
आधिकारिक पोर्टल या मैनुअल का पेज बदलने पर लिंक की उपलब्धता दोबारा जाँचें। आवेदन के समय विभाग की वर्तमान स्क्रीन पर दिए गए निर्देशों को प्राथमिकता दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. परिमार्जन प्लस में शपथ पत्र जरूरी है?
हाँ। विभाग के User Manual में वेबसाइट पर उपलब्ध शपथ पत्र भरकर PDF तैयार करने और उसे आवेदन के साथ अपलोड करने को अनिवार्य बताया गया है।
2. क्या सभी दस्तावेज हर आवेदक को अपलोड करने होते हैं?
नहीं। मैनुअल में कई सहायक दस्तावेजों के सामने “यदि आवश्यक हो” लिखा है। अपनी सुधार श्रेणी और पोर्टल पर माँगी गई जरूरत के अनुसार दस्तावेज दें।
3. नाम या पिता का नाम गलत हो तो क्या करें?
संबंधित जमाबंदी खोजकर रैयत विवरण वाले सेक्शन में उपलब्ध सुधार विकल्प देखें। सही विवरण भरें और जरूरत के अनुसार संबंधित राजस्व अभिलेख संलग्न करें।
4. क्या खाता, खेसरा और रकबा सुधारे जा सकते हैं?
मैनुअल में भूमि विवरण के अंतर्गत इनसे संबंधित सुधार विकल्पों का उल्लेख है। आवेदन की पात्र श्रेणी और साक्ष्य की जरूरत अपने रिकॉर्ड के अनुसार जाँचें।
5. आवेदन जमा होने के बाद क्या मिलता है?
मैनुअल के अनुसार Final Submit के बाद पावती संख्या मिलती है। उसे सुरक्षित रखें ताकि आवेदन की स्थिति पता कर सकें।
6. आवेदन पर आपत्ति आने पर क्या करें?
लॉगिन/होम स्क्रीन पर दिखाई देने वाली अधिकारी की टिप्पणी पढ़ें और उसके अनुसार विवरण सुधारें या आवश्यक साक्ष्य दें।
7. गलत मौजा में दर्ज जमाबंदी को ऑनलाइन सुधार सकते हैं?
हर मामले में नहीं। विभागीय FAQ के अनुसार गलत मौजा में दर्ज जमाबंदी के लिए अंचल अधिकारी के समक्ष ऑफलाइन आवेदन करना पड़ सकता है। पहले लागू निर्देश की पुष्टि करें।
8. क्या परिमार्जन प्लस से मालिकाना हक बदल जाता है?
इस सेवा को स्वामित्व हस्तांतरण या विवाद के अंतिम निर्णय का विकल्प न समझें। इसका उपयोग निर्धारित भूमि-अभिलेख त्रुटियों के सुधार के लिए होता है; नामांतरण की प्रक्रिया अलग है।
निष्कर्ष
परिमार्जन प्लस पर आवेदन शुरू करने से पहले अपनी जमाबंदी की गलती पहचानें, सही रिकॉर्ड और संबंधित साक्ष्य तैयार रखें तथा अनिवार्य शपथ पत्र की PDF बनाएं। आवेदन में सही जमाबंदी चुनें, केवल जरूरी सेक्शन में बदलाव करें, Preview में सभी विवरण जाँचें और Final Submit के बाद पावती संख्या सुरक्षित रखें। यदि मामला गलत मौजा या किसी ऐसी त्रुटि से जुड़ा है जिसके लिए अलग प्रक्रिया लागू है, तो संबंधित अंचल कार्यालय और विभागीय FAQ के निर्देशों का पालन करें।
लेखक: Amar Kumar Mukhiya
अंतिम सत्यापन: 13 अक्टूबर 2026
अस्वीकरण: Bihar Public Info एक स्वतंत्र सूचना वेबसाइट है, सरकारी पोर्टल नहीं। यह बिहार सरकार के किसी विभाग से संबद्ध नहीं है। भूमि अभिलेख संबंधी आवेदन या निर्णय के लिए आधिकारिक पोर्टल और संबंधित राजस्व कार्यालय के निर्देशों को प्राथमिकता दें।
