Bihar Jameen Survey 2026: Complete Guide – Form & Status

Bihar Jameen Survey 2026: बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण के दौरान जमीन के मालिकाना हक, जमाबंदी, खाता-खेसरा और परिवार के उत्तराधिकारियों का सही विवरण दर्ज किया जा रहा है। इसके लिए रैयतों से स्वघोषणा (Self Declaration) और वंशावली से जुड़े प्रपत्र मांगे जाते हैं। बिहार सरकार के भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय (DLRS) के पोर्टल पर प्रपत्र-2, वंशावली प्रपत्र-3(1), ऑनलाइन समर्पण और अपलोड किए गए फॉर्म देखने की सुविधाएं दी गई हैं।

इस लेख में Bihar Jameen Survey Form Online भरने का तरीका, स्वघोषणा प्रपत्र-2, वंशावली प्रपत्र-3(1), जरूरी कागजात, कैथी लिपि की समस्या और अपने गांव के सर्वे की स्थिति देखने की प्रक्रिया समझाई गई है। सबसे जरूरी बात: हर गांव का सर्वे एक ही चरण में नहीं है, इसलिए अपने मौजा की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ें।

Table of Contents

Bihar Jameen Survey 2026 – Overview

विवरणजानकारी
कार्यक्रमबिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त
संबंधित विभागराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार
नोडल निदेशालयभू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय (DLRS)
मुख्य फॉर्मस्वघोषणा प्रपत्र-2 और वंशावली प्रपत्र-3(1)
ऑनलाइन पोर्टलdlrs.bihar.gov.in
ऑनलाइन सुविधाफॉर्म डाउनलोड, स्वघोषणा समर्पण, अपलोड फॉर्म देखना, सर्वे स्थिति
लागू कानूनबिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अधिनियम, 2011 और संबंधित नियमावली
आवेदन शुल्कपोर्टल पर फॉर्म समर्पण की सरकारी सुविधा उपलब्ध; किसी एजेंट को अनधिकृत भुगतान न करें

Bihar Jameen Survey 2026 Latest Update

DLRS की आधिकारिक वेबसाइट पर विशेष सर्वेक्षण से जुड़ी ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें अपने ग्राम/शहर में सर्वेक्षण की स्थिति देखना, रैयत द्वारा स्वामित्व या धारित भूमि की स्वघोषणा का प्रपत्र, खानापुरी पर्चा और खेसरावार मानचित्र देखना, दावा-आपत्ति देना तथा अंतिम रूप से प्रकाशित अधिकार अभिलेख देखना शामिल है।

निदेशालय के Letter Section में 27 अक्टूबर 2026 को पत्रांक-3739 के तहत विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम में आने वाली तकनीकी समस्याओं और उनके समाधान से संबंधित FAQ के बारे में पत्र सूचीबद्ध है। 8 अक्टूबर 2026 को अंतिम रूप से प्रकाशित प्रपत्र-25 अधिकार अभिलेख और मानचित्र के संरक्षण से संबंधित पत्र भी सूचीबद्ध है। इसका मतलब है कि कुछ राजस्व ग्रामों में सर्वेक्षण अंतिम अभिलेख के चरण तक पहुंच चुका है, जबकि अन्य गांवों में प्रक्रिया अलग चरण में हो सकती है।

अलग से 29 सितंबर 2026 की अधिसूचना के तहत पांच जिलों के 560 राजस्व ग्रामों के अधिकार अभिलेख और मानचित्र अंतिम रूप से प्रकाशित किए जाने की सूचना उपलब्ध है। इसे पूरे बिहार के सभी गांवों का सर्वे पूरा होने की घोषणा न समझें।

आधिकारिक अपडेट देखने के लिए: DLRS Bihar Portal और Notice / Office Order सेक्शन देखें।

Bihar Jameen Survey 2026 में फॉर्म भरने से पहले अपने मौजा की सर्वे स्थिति और उपलब्ध सरकारी निर्देश जरूर देख लें। प्रपत्र का सही संस्करण चुनना और भूमि रिकॉर्ड से विवरण मिलाना जरूरी है।

Bihar Jameen Survey Form Online – प्रपत्र-2 और वंशावली डाउनलोड

भूमि सर्वेक्षण में सामान्य रूप से दो प्रमुख प्रपत्रों का उल्लेख किया जाता है:

  • स्वघोषणा प्रपत्र-2: इसमें रैयत/भूमि धारक अपनी जमीन और उस पर अपने दावे से जुड़ी जानकारी देता है।
  • वंशावली प्रपत्र-3(1): इसमें मूल रैयत या जमाबंदी धारक से संबंधित पारिवारिक उत्तराधिकारियों का विवरण दिया जाता है, ताकि उत्तराधिकार के आधार पर अधिकार अभिलेख तैयार करने में मदद मिले।

DLRS की वेबसाइट के मुख्य पेज पर “स्व-घोषणा हेतु प्रपत्र-2 यहां डाउनलोड करें” और “वंशावली हेतु प्रपत्र-3(1) यहां डाउनलोड करें” के लिंक दिए गए हैं।

  1. DLRS की आधिकारिक वेबसाइट खोलें।
  2. मुख्य पेज पर स्वघोषणा प्रपत्र-2 डाउनलोड करने का विकल्प चुनें।
  3. इसके बाद वंशावली प्रपत्र-3(1) डाउनलोड करें।
  4. फॉर्म के सभी कॉलम ध्यान से पढ़ें और भूमि अभिलेख के अनुसार जानकारी भरें।
  5. खाता, खेसरा, रकबा, जमाबंदी और स्वामित्व के आधार से संबंधित विवरण जांचें।
  6. दस्तावेजों की स्पष्ट और पढ़ने योग्य प्रतियां तैयार रखें।

फॉर्म के नाम पर सावधानी: DLRS के मौजूदा सेवा पेज पर डाउनलोड लिंक को प्रपत्र-2 और प्रपत्र-3(1) कहा गया है। 2026 की संशोधित नियमावली में कुछ प्रपत्रों के संशोधित प्रारूप भी शामिल हैं। इसलिए इंटरनेट से किसी पुराने वर्ष का फॉर्म डाउनलोड करने के बजाय DLRS पोर्टल पर उपलब्ध वर्तमान फॉर्म ही इस्तेमाल करें।

Bihar Jameen Survey Self Declaration Form कैसे भरें?

स्वघोषणा प्रपत्र भरते समय अनुमान से कोई जानकारी न लिखें। जमीन के दस्तावेजों में जो विवरण उपलब्ध है, उसी के अनुसार प्रविष्टि करें। फॉर्म के संस्करण के अनुसार कॉलम अलग हो सकते हैं, इसलिए नीचे दी गई सूची को तैयारी के लिए चेकलिस्ट मानें, आधिकारिक फॉर्म का विकल्प नहीं।

  1. रैयत/आवेदक का नाम और पहचान संबंधी विवरण लिखें।
  2. पिता/पति का नाम और पता सही दर्ज करें।
  3. जिला, अंचल, मौजा/राजस्व ग्राम और थाना नंबर जैसे स्थान संबंधी विवरण भरें।
  4. खाता संख्या, खेसरा संख्या और भूमि का रकबा उपलब्ध रिकॉर्ड से मिलाकर लिखें।
  5. जमीन किस आधार पर मिली है—पुराना खतियान, जमाबंदी, खरीद, दान, उत्तराधिकार या अन्य वैध आधार—उसका विवरण सही दें।
  6. यदि जमीन में हिस्सेदारी या उत्तराधिकार का मामला है, तो सभी संबंधित दावेदारों की जानकारी दस्तावेजों के अनुसार दें।
  7. फॉर्म में मांगे गए हस्ताक्षर/घोषणा वाले हिस्से को पूरा करें और जमा करने से पहले एक बार जांच लें।

यदि जमीन संयुक्त जमाबंदी में है, उत्तराधिकारियों के बीच बंटवारा हुआ है, या किसी खेसरा का कुछ हिस्सा बेचा गया है, तो सभी हिस्सों और दस्तावेजों का विवरण छिपाएं नहीं। विवादित स्वामित्व को निर्विवाद बताकर घोषणा करना आगे समस्या पैदा कर सकता है।

वंशावली प्रमाण पत्र Bihar – प्रपत्र-3(1) कैसे तैयार करें?

वंशावली का उद्देश्य केवल परिवार के सदस्यों के नाम लिखना नहीं है। इसका संबंध उस मूल रैयत/जमाबंदी धारक से है, जिसके नाम से जमीन का रिकॉर्ड जुड़ा है और जिन उत्तराधिकारियों का दावा बनता है। DLRS की तकनीकी मार्गदर्शिका के अनुसार वंशावली प्रपत्र-3(1) में तैयार की जाती है और इसका सत्यापन उपलब्ध खतियान, जमाबंदी तथा अन्य अभिलेखों के आधार पर किया जा सकता है।

वंशावली तैयार करने से पहले ये बातें व्यवस्थित कर लें:

  • मूल खतियानी रैयत या जमाबंदी धारक का पूरा नाम।
  • उनके पुत्र, पुत्रियां और अन्य लागू उत्तराधिकारियों का विवरण।
  • मृतक सदस्य की मृत्यु की तारीख/वर्ष, यदि संबंधित हो।
  • पहले हुए भूमि हस्तांतरण, बिक्री, दान या बंटवारे का विवरण।
  • प्रत्येक संबंधित खाता और खेसरा का अलग-अलग विवरण, जहां आवश्यक हो।

तकनीकी मार्गदर्शिका में वंशावली के सत्यापन के लिए ग्राम स्तर पर जांच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों/संबंधित व्यक्तियों से सहयोग का उल्लेख है। सत्यापन की प्रक्रिया अधिकारी और उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार होगी। केवल नोटरी से बनवाया गया निजी कागज अपने-आप सरकारी सर्वे रिकॉर्ड में सत्यापित वंशावली नहीं बन जाता।

जमीन सर्वे के लिए जरूरी दस्तावेज

हर भूमि मामले में दस्तावेजों की जरूरत एक जैसी नहीं होती। DLRS की तकनीकी मार्गदर्शिका में स्वघोषणा और वंशावली के सत्यापन के लिए राजस्व अभिलेख, अंतिम अधिकार अभिलेख, पंजी-II, जमाबंदी, खतियान, दाखिल-खारिज आदेश, बंदोबस्ती पट्टा, वासगीत पर्चा, भूदान प्रमाणपत्र और न्यायालय के आदेश जैसे रिकॉर्ड का उल्लेख है। अपने मामले से संबंधित उपलब्ध कागजात तैयार रखें।

दस्तावेजकब उपयोगी हो सकता है
पुराना खतियान / सर्वे खतियानमूल रैयत और जमीन का पुराना रिकॉर्ड मिलाने में
जमाबंदी / पंजी-IIवर्तमान राजस्व प्रविष्टि और रैयत का विवरण जांचने में
मालगुजारी/लगान रसीदराजस्व भुगतान और जमाबंदी विवरण के समर्थन में
रजिस्ट्री/केवालाखरीद या हस्तांतरण के आधार पर दावा होने पर
दाखिल-खारिज आदेशम्यूटेशन के बाद की राजस्व प्रविष्टि दिखाने में
मृत्यु प्रमाण/उत्तराधिकार से जुड़े कागजातमूल रैयत के निधन और उत्तराधिकार की कड़ी स्पष्ट करने में
न्यायालय का आदेश/डिक्रीयदि जमीन पर अदालत का आदेश लागू हो

यह सामान्य तैयारी सूची है, प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनिवार्य दस्तावेजों की एक समान सरकारी सूची नहीं। आपके दावे की प्रकृति के अनुसार शिविर/सर्वे अधिकारी अतिरिक्त कागजात मांग सकते हैं।

Bihar Jameen Survey Online Apply – फॉर्म ऑनलाइन कैसे जमा करें?

DLRS के आधिकारिक पेज पर स्वघोषणा प्रपत्र-2 ऑनलाइन समर्पित करने और अपलोड किए गए स्वघोषणा/वंशावली को देखने के विकल्प दिए गए हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया में पोर्टल पर दिखाए गए निर्देशों का पालन करें।

  1. DLRS की वेबसाइट खोलकर बिहार विशेष सर्वेक्षण से संबंधित ऑनलाइन सेवाएं चुनें।
  2. “रैयत द्वारा स्वामित्व/धारित भूमि की स्वघोषणा हेतु प्रपत्र” या स्वघोषणा समर्पण विकल्प खोलें।
  3. पोर्टल पर मांगी गई पहचान और संपर्क जानकारी भरें।
  4. यदि मोबाइल सत्यापन/OTP मांगा जाए तो अपने सक्रिय मोबाइल नंबर से सत्यापन करें।
  5. वर्तमान निर्देशों के अनुसार प्रपत्र और संबंधित दस्तावेज अपलोड करें।
  6. Submit करने से पहले सभी जानकारी और अपलोड की गई फाइलें दोबारा जांचें।
  7. अंतिम सबमिशन के बाद मिलने वाली रसीद, आवेदन संख्या या स्क्रीन का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।

पोर्टल के विकल्प समय-समय पर बदल सकते हैं। यदि ऑनलाइन सबमिशन का विकल्प आपके मौजा या मामले में काम नहीं कर रहा है, तो अपने राजस्व ग्राम के विशेष सर्वेक्षण शिविर/अंचल कार्यालय से ऑफलाइन जमा करने की वर्तमान व्यवस्था की पुष्टि करें। बिना रसीद या प्राप्ति प्रमाण के मूल दस्तावेज किसी को न दें।

Bihar Jameen Survey 2026 की स्थिति गांव/मौजा के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए किसी दूसरे गांव की प्रगति देखकर अपने गांव का चरण तय न करें।

Bihar Jameen Survey Status Check 2026 – गांव का स्टेटस कैसे देखें?

अपने गांव में सर्वे किस चरण में है, यह जानने के लिए DLRS की विशेष सर्वेक्षण सेवाओं में “अपने ग्राम/शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखें” विकल्प दिया गया है।

  1. DLRS पोर्टल खोलें।
  2. “बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित ऑनलाइन सेवाएं” सेक्शन में जाएं।
  3. “अपने ग्राम/शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखें” विकल्प चुनें।
  4. पोर्टल पर उपलब्ध सूची से जिला, अंचल और मौजा/राजस्व ग्राम चुनें।
  5. दिखाई गई सर्वे स्थिति, संबंधित शिविर या अगले चरण की जानकारी पढ़ें।
  6. यदि आपके गांव की स्थिति स्पष्ट न हो, तो संबंधित शिविर प्रभारी/अंचल कार्यालय से पुष्टि करें।

फॉर्म जमा करने के बाद DLRS के होम पेज पर “अपलोड किए गए स्व घोषणा/वंशावली यहां देखें” सुविधा से उपलब्ध रिकॉर्ड देखने का विकल्प भी दिया गया है। इसे इस्तेमाल करके यह जांचें कि अपलोड किया गया विवरण पोर्टल पर दिखाई दे रहा है या नहीं। ऑनलाइन दिखाई देने वाली प्रविष्टि को अंतिम स्वामित्व निर्णय न समझें; सत्यापन और सर्वेक्षण की आगे की प्रक्रिया अलग है।

कैथी लिपि में खतियान है तो क्या करें?

बिहार के पुराने भूमि अभिलेखों में कैथी लिपि का इस्तेमाल हुआ है। ऐसे खतियान को पढ़ने में परेशानी होना सामान्य है। DLRS की वेबसाइट पर “कैथी लिपि” से संबंधित पाठ्य सामग्री/डाउनलोड विकल्प उपलब्ध है। निदेशालय की तकनीकी मार्गदर्शिका में पुराने खतियान और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि विवरण सत्यापित करने की प्रक्रिया का उल्लेख है।

यदि आप कैथी पढ़ नहीं पा रहे हैं, तो अनुमान लगाकर नाम, खाता या खेसरा न लिखें। प्रमाणित अनुवाद/पठन में सक्षम व्यक्ति या संबंधित सर्वे शिविर/राजस्व कार्यालय की मदद लें। नाम की वर्तनी, रकबा और खेसरा संख्या में छोटी गलती भी आगे विवाद पैदा कर सकती है।

क्या Bihar Jameen Survey की कोई एक Last Date है?

DLRS के उपलब्ध ऑनलाइन सेवा पेज पर पूरे बिहार के सभी गांवों के लिए एक समान अंतिम तारीख प्रदर्शित नहीं है। सर्वेक्षण अलग-अलग राजस्व ग्रामों में अलग चरणों में चल सकता है। इसलिए किसी सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई राज्यव्यापी अंतिम तारीख को आधिकारिक आदेश देखे बिना सही न मानें। अपने मौजा की स्थिति, शिविर की सूचना और स्थानीय सर्वे टीम से जमा करने की समय-सीमा की पुष्टि करें।

देरी न करें: यदि आपके गांव में स्वघोषणा/वंशावली मांगी जा रही है, तो रिकॉर्ड मिलाकर समय रहते प्रक्रिया पूरी करें। लेकिन यह न मानें कि हर गांव में फॉर्म जमा करने का अवसर हमेशा खुला रहेगा—स्थानीय सर्वे चरण आगे बढ़ने पर प्रक्रिया बदल सकती है।

Bihar Jameen Survey में गलती या विवाद हो तो क्या करें?

यदि खाता, खेसरा, रकबा, सीमा या रैयत के नाम में गलती दिखती है, तो पहले संबंधित रिकॉर्ड और प्रकाशित पर्चा/मानचित्र की प्रति निकालें। DLRS पोर्टल पर खानापुरी पर्चा और खेसरावार मानचित्र देखने तथा उसके आधार पर दावा/आक्षेप समर्पित करने की सेवाएं दी गई हैं।

  • गलत प्रविष्टि का स्पष्ट विवरण लिखें।
  • संबंधित खाता, खेसरा और मौजा की जानकारी दें।
  • अपने दावे के समर्थन में उपलब्ध राजस्व/रजिस्ट्री/न्यायालय दस्तावेज संलग्न करें।
  • दावा या आपत्ति जमा करने के बाद प्राप्ति/रसीद सुरक्षित रखें।
  • आपत्ति की सुनवाई और आदेश की स्थिति आधिकारिक पोर्टल या संबंधित कार्यालय से जांचें।

भूमि स्वामित्व का गंभीर विवाद, हिस्सेदारी या उत्तराधिकार का कानूनी प्रश्न हो तो केवल ऑनलाइन फॉर्म भरकर समाधान मान लेना उचित नहीं। आवश्यक होने पर राजस्व/भूमि कानून के जानकार अधिवक्ता से सलाह लें।

भूमि रिकॉर्ड से जुड़े अन्य उपयोगी लेख

जमाबंदी में नाम, रकबा या अन्य प्रविष्टि गलत है तो प्रक्रिया समझने के लिए हमारा Bihar Parimarjan Plus Online Apply 2026 लेख पढ़ें।

यदि आपको जमीन पर कब्जे/दखल का प्रमाणपत्र चाहिए, तो Bihar Jameen Ka LPC Online Apply 2026 की प्रक्रिया अलग से समझें। LPC और विशेष भूमि सर्वेक्षण एक ही सेवा नहीं हैं।

Bihar Jameen Survey 2026 – Important Links

सेवाआधिकारिक लिंक
DLRS Official Portalयहां खोलें
विशेष सर्वेक्षण ऑनलाइन सेवाएंयहां देखें
स्वघोषणा प्रपत्र-2 डाउनलोडमुख्य पोर्टल पर डाउनलोड विकल्प
वंशावली प्रपत्र-3(1) डाउनलोडमुख्य पोर्टल पर डाउनलोड विकल्प
सर्वेक्षण की स्थितिविशेष सर्वेक्षण सेवाएं
राजस्व रिकॉर्ड / जमाबंदीBihar Bhumi
कैथी लिपि सामग्रीBihar Bhumi पोर्टल

फॉर्म जमा करने के बाद Bihar Jameen Survey 2026 से जुड़ी अपलोड स्थिति और आगे की सूचना DLRS पोर्टल पर उपलब्ध सेवा के अनुसार जांचें।

FAQs – Bihar Jameen Survey 2026

1. Bihar Jameen Survey Form Online कहां से भरें?

DLRS की आधिकारिक वेबसाइट dlrs.bihar.gov.in पर बिहार विशेष सर्वेक्षण संबंधित ऑनलाइन सेवाओं में स्वघोषणा समर्पण का विकल्प उपलब्ध है।

2. जमीन सर्वे का Self Declaration Form कौन-सा है?

DLRS की वेबसाइट पर रैयत द्वारा स्वामित्व/धारित भूमि की स्वघोषणा हेतु प्रपत्र-2 का डाउनलोड और ऑनलाइन समर्पण विकल्प दिया गया है। पोर्टल पर उपलब्ध नवीनतम फॉर्म ही इस्तेमाल करें।

3. वंशावली के लिए कौन-सा फॉर्म भरना होता है?

DLRS के आधिकारिक पेज पर वंशावली हेतु प्रपत्र-3(1) डाउनलोड करने का विकल्प दिया गया है।

4. क्या जमीन सर्वे के लिए वंशावली जरूरी है?

उत्तराधिकार के आधार पर जमीन का दावा और वारिसों का विवरण दर्ज करने में वंशावली महत्वपूर्ण है। संबंधित मामले में इसकी जरूरत और सत्यापन उपलब्ध रिकॉर्ड तथा सर्वे अधिकारी की जांच पर निर्भर करेगा।

5. Bihar Jameen Survey Status कैसे चेक करें?

DLRS पोर्टल पर “अपने ग्राम/शहर में विशेष सर्वेक्षण की स्थिति देखें” विकल्प से जिला, अंचल और मौजा चुनकर उपलब्ध स्थिति देख सकते हैं।

6. क्या जमीन सर्वे के लिए पूरे बिहार में एक ही अंतिम तारीख है?

उपलब्ध DLRS सेवा पेज पर सभी गांवों के लिए एक समान राज्यव्यापी अंतिम तारीख नहीं दी गई है। अपने राजस्व ग्राम की स्थिति और स्थानीय शिविर की सूचना जांचें।

7. कैथी लिपि में खतियान होने पर क्या करें?

DLRS पोर्टल पर उपलब्ध कैथी लिपि सामग्री देखें या संबंधित सर्वे शिविर/राजस्व कार्यालय से सहायता लें। अनुमान से रिकॉर्ड न भरें।

8. क्या LPC और जमीन सर्वे एक ही प्रक्रिया है?

नहीं। LPC जमीन पर कब्जे/दखल से संबंधित प्रमाणपत्र सेवा है, जबकि विशेष भूमि सर्वेक्षण में भूमि अभिलेख, नक्शा, रैयत और अधिकार संबंधी विवरण का सत्यापन होता है।

यदि आप Bihar Jameen Survey 2026 में पहली बार फॉर्म जमा कर रहे हैं, तो पहले प्रपत्र-2 और वंशावली के निर्देश पढ़ें, फिर सही रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी भरें।

निष्कर्ष

Bihar Jameen Survey 2026 में स्वघोषणा प्रपत्र-2 और वंशावली प्रपत्र-3(1) का सही विवरण देना महत्वपूर्ण है। फॉर्म भरने से पहले पुराने खतियान, जमाबंदी, खाता-खेसरा और उत्तराधिकार से जुड़े कागजात मिलाएं। ऑनलाइन आवेदन के बाद अपलोड रिकॉर्ड देखें और अपने गांव की सर्वे स्थिति भी जांचते रहें। यदि रिकॉर्ड में गलती या जमीन का विवाद है, तो निर्धारित दावा-आपत्ति प्रक्रिया अपनाएं। नवीनतम फॉर्म और निर्देश के लिए DLRS की आधिकारिक वेबसाइट को ही प्राथमिकता दें।

Official Source: Directorate of Land Records & Survey, Government of Bihar

अस्वीकरण: यह लेख सरकारी पोर्टल और उपलब्ध तकनीकी मार्गदर्शिका के आधार पर सामान्य जानकारी देता है। भूमि स्वामित्व का अंतिम निर्णय या कानूनी सलाह नहीं है। फॉर्म का वर्तमान संस्करण, मौजा-वार समय-सीमा और दस्तावेजों की जरूरत संबंधित सर्वे शिविर/राजस्व कार्यालय से सत्यापित करें।