Quick Overview: बिहार में जमीन खरीदने, दान, उत्तराधिकार, बंटवारा या अदालत के आदेश से अधिकार मिलने के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नए रैयत का नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया दाखिल-खारिज (Mutation) कहलाती है। बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने से पहले विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी, खाता, खेसरा और रकबा ऑनलाइन उपलब्ध होना जरूरी है। आवेदन निःशुल्क है और सामान्यतः अधिकार प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर करना चाहिए।
लेख अपडेट: 2 नवंबर 2026 | लेखक: Amar Kumar Mukhiya
बिहार में जमीन खरीदने के बाद केवल रजिस्ट्री करा लेना राजस्व रिकॉर्ड में नाम बदलने के लिए पर्याप्त नहीं होता। खरीदार को जमीन जिस अंचल में है, वहां दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी करानी होती है। Bihar Dakhil Kharij Online Apply के लिए बिहारभूमि पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है, लेकिन उससे पहले जमाबंदी, खाता, खेसरा और रकबा का मिलान जरूरी है। इस गाइड में आवेदन की तैयारी, दस्तावेज, फॉर्म भरने के चरण और आवेदन में कमी आने पर सुधार का तरीका बताया गया है।
बिहार में दाखिल-खारिज (Mutation) क्या है?
दाखिल-खारिज वह राजस्व प्रक्रिया है जिसके जरिए जमीन में अधिकार बदलने के बाद संबंधित जमाबंदी/राजस्व रिकॉर्ड में नए रैयत का नाम दर्ज किया जाता है। यह प्रक्रिया बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और बिहार भूमि दाखिल-खारिज नियमावली, 2012 के प्रावधानों के अनुसार होती है।
ध्यान दें: दाखिल-खारिज राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया है। इसे अपने-आप में जमीन के स्वामित्व विवाद का अंतिम न्यायिक फैसला या टाइटल की गारंटी न समझें। यदि जमीन पर गंभीर विवाद, फर्जी दस्तावेज या कोर्ट केस है, तो संबंधित कानूनी सलाह लें।
Bihar Dakhil Kharij Online Apply 2026: आवेदन से पहले ये जांचें
- जिस जमीन का दाखिल-खारिज कराना है, उसका जिला, अंचल, मौजा, खाता, खेसरा और रकबा सही नोट कर लें।
- विक्रेता या पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी बिहारभूमि पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध होनी चाहिए।
- उस जमाबंदी में संबंधित खाता, खेसरा और दाखिल-खारिज होने वाला पर्याप्त रकबा दर्ज होना चाहिए।
- दस्तावेज में दर्ज नाम, खाता-खेसरा और रकबा को ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलाएं।
- आवेदन अपने मोबाइल/लॉगिन से करें, ताकि बाद में नोटिस, त्रुटि और सुनवाई की जानकारी खुद देख सकें।
दाखिल-खारिज के लिए जरूरी दस्तावेज
दस्तावेज जमीन पर अधिकार मिलने के तरीके के अनुसार बदलते हैं। हर मामले में एक ही दस्तावेज सूची लागू नहीं होती। बिहारभूमि FAQ में दिए गए प्रमुख उदाहरण इस प्रकार हैं:
| जमीन मिलने का आधार | मुख्य दस्तावेज |
|---|---|
| खरीद-बिक्री या दान | निबंधित दस्तावेज/केवाला की प्रति |
| विनिमय | निबंधित विनिमय दस्तावेज |
| आपसी या पंजीकृत बंटवारा | निबंधित बंटवारा दस्तावेज या सभी संबंधित हिस्सेदारों की सहमति सहित मान्य बंटवारा दस्तावेज |
| विरासत/उत्तराधिकार | मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली |
| वसीयत | वसीयत और सक्षम न्यायालय का Probate आदेश |
| न्यायालय के आदेश/डिक्री से | संबंधित भूमि के बारे में सक्षम न्यायालय के आदेश/डिक्री की प्रति |
| सरकारी/भूदान बंदोबस्ती | संबंधित सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी पर्चा/आदेश |
यदि जमीन जमाबंदी रैयत के बजाय उसके वंशज या किसी हिस्सेदार से खरीदी गई है, तो बिहारभूमि FAQ के अनुसार वंशावली, विक्रेता का जमाबंदी रैयत से संबंध दर्शाने वाला साक्ष्य और अन्य हिस्सेदारों की सहमति जैसे अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं। आपके मामले में लागू दस्तावेज पोर्टल और अंचल की जांच के अनुसार तैयार करें।
Bihar Bhumi Portal पर Dakhil Kharij Online Apply कैसे करें?
ऑनलाइन आवेदन के लिए आधिकारिक पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in खोलें। नीचे दिए गए चरण आधिकारिक बिहारभूमि FAQ में बताई गई प्रक्रिया पर आधारित हैं; पोर्टल के बटन/स्क्रीन समय के साथ बदल सकते हैं।
- बिहारभूमि पोर्टल खोलें: होमपेज पर “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें” विकल्प चुनें।
- रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करें: नए उपयोगकर्ता पहले पंजीकरण करें। पहले से खाता है तो अपने लॉगिन से प्रवेश करें। OTP या पोर्टल पर मांगा गया सत्यापन पूरा करें।
- जिला और अंचल चुनें: वही जिला और अंचल चुनें जहां जमीन स्थित है। आवेदक के रहने का जिला नहीं, जमीन का संबंधित अंचल चुनना है।
- नया आवेदन शुरू करें: “नया दाखिल-खारिज आवेदन करें” या “Apply New Mutation” विकल्प पर जाएं।
- आवेदन का आधार भरें: खरीद, विरासत, बंटवारा, दान या अन्य लागू आधार के अनुसार मांगी गई जानकारी भरें।
- भूमि का विवरण दर्ज करें: मौजा, जमाबंदी, खाता, खेसरा और रकबा दस्तावेज तथा ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलाकर भरें।
- पक्षकारों का विवरण भरें: आवेदक/क्रेता/वंशज और विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत की जानकारी सही दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: अपने मामले से संबंधित साफ और पढ़ने योग्य दस्तावेज अपलोड करें। फाइल फॉर्मेट और आकार की सीमा पोर्टल पर जांचें।
- Save & Next और OTP सत्यापन: सभी सेक्शन भरने के बाद आगे बढ़ें और जहां मांगा जाए वहां क्रेता/आवेदक के मोबाइल OTP का सत्यापन करें।
- Preview देखकर Final Submit करें: नाम, खाता-खेसरा, रकबा और दस्तावेज दोबारा जांचें। सही होने पर Final Submit करें और पावती/Token Number सुरक्षित रखें।
दाखिल-खारिज आवेदन की सरकारी फीस कितनी है?
बिहारभूमि के आधिकारिक FAQ के अनुसार दाखिल-खारिज आवेदन पूर्णतः निःशुल्क है। किसी व्यक्ति को सरकारी आवेदन शुल्क बताकर अनधिकृत भुगतान न करें। यदि आप किसी सेवा केंद्र या निजी व्यक्ति की मदद लेते हैं, तो उसकी अलग सेवा-शुल्क मांग को सरकारी दाखिल-खारिज फीस न समझें और पहले स्पष्ट जानकारी लें।
दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?
अधिकार प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करें। यदि 90 दिन बीत चुके हैं, तो बिहारभूमि FAQ के अनुसार आवेदन के साथ विलंब माफी याचिका लगानी होगी। इसे स्वीकार करना या न करना अंचलाधिकारी का निर्णय है।
बिहारभूमि FAQ के अनुसार आवेदन जमा होने के बाद संवीक्षा की जाती है। आवेदन सही मिलने पर दाखिल-खारिज वाद संख्या जारी होती है। इसके बाद 14 दिनों की नोटिस अवधि में आपत्ति दर्ज न होने पर अंचलाधिकारी उपलब्ध राजस्व प्रतिवेदन और आवश्यक जांच के आधार पर आदेश पारित कर सकते हैं। आपत्ति आने पर संबंधित पक्षों को सुनवाई और साक्ष्य का अवसर दिया जाता है। इसलिए कुल समय मामले की प्रकृति, दस्तावेज और आपत्ति पर निर्भर करेगा; किसी निश्चित निपटारा तारीख की गारंटी नहीं है।
आवेदन में गलती हो जाए या आवेदन वापस आ जाए तो क्या करें?
अंचलाधिकारी की प्रारंभिक जांच में त्रुटि या दस्तावेज की कमी मिलने पर आवेदन कारण सहित आवेदक के लॉगिन में सुधार के लिए लौटाया जा सकता है। अपने बिहारभूमि लॉगिन में Application Scrutiny Status/Mutation Defect Check से स्थिति देखें, बताई गई कमी पढ़ें, सही दस्तावेज या विवरण जोड़ें और निर्धारित विकल्प से दोबारा जमा करें। केवल नया आवेदन बनाकर पुरानी त्रुटि को नजरअंदाज न करें।
यदि आवेदन का Token Number मिला है, तो पोर्टल के “दाखिल-खारिज त्रुटि जांच” विकल्प से भी संबंधित जानकारी देखें। आवेदन की पावती और सभी अपलोड दस्तावेज सुरक्षित रखें।
बिहार में जिला और अंचल के अनुसार दाखिल-खारिज आवेदन
दाखिल-खारिज का आवेदन जमीन के स्थान वाले जिला और अंचल के आधार पर किया जाता है। इसलिए स्थानीय खोज में लोग “जिला + अंचल + दाखिल खारिज ऑनलाइन आवेदन” जैसे शब्द इस्तेमाल कर सकते हैं। नीचे दिए गए जिला-नाम उदाहरण हैं; यह अलग-अलग जिले की अलग प्रक्रिया या अलग पोर्टल होने का दावा नहीं है।
- पटना: Patna Dakhil Kharij Online Apply, पटना सदर/दानापुर अंचल दाखिल-खारिज आवेदन।
- गया: Gaya Jameen Dakhil Kharij, गया जिला Mutation Online Apply।
- मुजफ्फरपुर: Muzaffarpur Dakhil Kharij Online, मुजफ्फरपुर अंचल म्यूटेशन आवेदन।
- दरभंगा और मधुबनी: Darbhanga/Madhubani Jameen Mutation, दरभंगा-मधुबनी दाखिल-खारिज आवेदन।
- समस्तीपुर: Samastipur Dakhil Kharij Online Apply, समस्तीपुर जमीन म्यूटेशन।
- पूर्णिया, कटिहार और अररिया: Purnia/Katihar/Araria Dakhil Kharij Online, सीमांचल जमीन दाखिल-खारिज आवेदन।
- भागलपुर और सहरसा: Bhagalpur/Saharsa Mutation Online Apply, भागलपुर-सहरसा जमीन नामांतरण।
इन सभी मामलों में आवेदन के समय जमीन का सही जिला, अंचल और मौजा चुनना सबसे जरूरी है। यदि आपका गांव किसी नए/पुनर्गठित अंचल में आता है, तो पोर्टल की वर्तमान सूची से अंचल की पुष्टि करें।
दाखिल-खारिज आवेदन अटकने के सामान्य कारण
- विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी ऑनलाइन उपलब्ध नहीं है।
- ऑनलाइन जमाबंदी में संबंधित खाता, खेसरा या पर्याप्त रकबा दर्ज नहीं है।
- केवाला और जमाबंदी में नाम, खाता, खेसरा या रकबा मेल नहीं खाता।
- वंशावली, मृत्यु प्रमाण पत्र, सहमति पत्र या कोर्ट आदेश जैसे लागू दस्तावेज अधूरे हैं।
- एक से अधिक खेसरा का मिला-जुला रकबा दर्ज है और अलग-अलग रकबा स्पष्ट नहीं है।
- जमीन पर आपत्ति, लंबित मुकदमा या पक्षकारों के बीच विवाद है।
यदि पूर्व जमाबंदी ऑनलाइन नहीं है या उसमें संबंधित विवरण गलत/अधूरा है, तो पहले बिहारभूमि के परिमार्जन प्लस विकल्प से रिकॉर्ड में सुधार/डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया देखें। इसके बाद ही दाखिल-खारिज आवेदन आगे बढ़ाएं। मिलजुमले रकबा वाले मामलों में FAQ के अनुसार आवश्यक मापी और प्रत्येक खेसरा का अलग रकबा स्पष्ट कराना पड़ सकता है।
दाखिल-खारिज आवेदन की स्थिति कैसे देखें?
आवेदन जमा करने के बाद स्थिति देखने के लिए बिहारभूमि आवेदन स्थिति पेज खोलें। जिला, अंचल, आवेदन/वाद संख्या और वित्तीय वर्ष जैसी मांगी गई जानकारी भरें। यदि अभी केवल Token Number मिला है और आवेदन में कमी बताई गई है, तो “दाखिल-खारिज त्रुटि जांच” विकल्प देखें। विस्तृत स्टेटस गाइड के लिए हमारा लेख पढ़ें: Bihar Jameen Rasid & Dakhil Kharij Status 2026।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बिहार में दाखिल-खारिज ऑनलाइन कहां से करें?
बिहार सरकार के आधिकारिक बिहारभूमि पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in पर “ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें” सेवा से आवेदन करें।
2. क्या दाखिल-खारिज आवेदन के लिए कोई सरकारी फीस लगती है?
नहीं। बिहारभूमि के आधिकारिक FAQ के अनुसार दाखिल-खारिज आवेदन निःशुल्क है।
3. जमीन खरीदने के कितने दिनों के भीतर दाखिल-खारिज कराना चाहिए?
अधिकार प्राप्त होने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना चाहिए। देरी होने पर विलंब माफी याचिका की जरूरत पड़ सकती है।
4. क्या बिना ऑनलाइन जमाबंदी के दाखिल-खारिज हो सकता है?
बिहारभूमि FAQ के अनुसार विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत की जमाबंदी ऑनलाइन होना और उसमें संबंधित खाता, खेसरा तथा रकबा दर्ज होना आवश्यक है। कमी हो तो पहले रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया देखें।
5. क्या वंशानुगत जमीन का दाखिल-खारिज कराया जा सकता है?
हां, उत्तराधिकार के आधार पर आवेदन किया जा सकता है। सामान्यतः मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली जैसे दस्तावेज मांगे जाते हैं।
6. आवेदन वापस होने पर क्या नया फॉर्म भरना होगा?
जरूरी नहीं। पहले अपने लॉगिन में Application Scrutiny Status/त्रुटि जांच देखें। यदि सुधार के लिए लौटाया गया है तो बताई गई कमी दूर करके उसी आवेदन को पुनः जमा करें।
7. क्या दाखिल-खारिज से जमीन का मालिकाना विवाद खत्म हो जाता है?
नहीं। दाखिल-खारिज राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण की प्रक्रिया है। गंभीर स्वामित्व विवाद या कोर्ट केस का निर्णय सक्षम न्यायालय/प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आता है।
निष्कर्ष
बिहार में दाखिल-खारिज ऑनलाइन आवेदन करने से पहले जमाबंदी, खाता, खेसरा और रकबा का मिलान कर लें। अपने लॉगिन से आवेदन करें, सही दस्तावेज अपलोड करें और Token Number सुरक्षित रखें। आवेदन की स्थिति तथा सुधार संबंधी सूचना समय-समय पर बिहारभूमि पोर्टल पर देखते रहें।
आधिकारिक स्रोत: बिहारभूमि पोर्टल | दाखिल-खारिज FAQ | ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया PDF | आवेदन स्थिति
Disclaimer: यह website सरकारी portal नहीं है, यह सिर्फ educational guidance के लिए है। नियम, पोर्टल विकल्प और आवेदन प्रक्रिया में बदलाव संभव है। आवेदन से पहले बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर नवीनतम निर्देश जरूर जांचें।
